ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी, साँचौर – एक प्राचीन सिद्ध पीठ

ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी | Dhabbawali Mataji Mandir, Khasarvi

साँचौर से 35 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में खासरवी गांव में स्थित ढब्बावाली माताजी का मंदिर वर्षों पुराना है। इस माता के मंदिर में ढब्बाजी नाम का एक भक्त नित्य पूजा-अर्चना किया करता था। जिसके बाद में भक्त ढब्बाजी की पूजा से प्रसन्न होकर माताजी ने ढब्बाजी को अपने दर्शन दिये। तब से मां भगवती अपने भक्त के नाम में समा गई तथा यह मंदिर माता ढब्बावाली के नाम से जाना जाने लगा।

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यहां देवी ढब्बावाली माता की प्राचीन काष्ठ की मूर्ति स्थापित है। यह सिद्ध देवी पीठ माँ भगवती ढब्बावाली के नाम से संसार भर में विख्यात हैं। जहां पर देश को आजादी मिलने से पूर्व पाकिस्तान से लोग दर्शन करने को इस मंदिर में आते थे। और मंदिर में रात्रि विश्राम किया करते थे। आजादी मिलने के बाद पाकिस्तान से लोगों का आना-जाना बंद हो गया, लेकिन आज भी राजस्थान, गुजरात सहित अन्य राज्यों के लोग दर्शन करने को आते है। और आज भी माता के दरबार में मन्नत वाले भक्तों की झोली भर देती है।

ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी, साँचौर
ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी, साँचौर

माताजी के इस मंदिर में हर माह की पूर्णिमा को मेला लगता हैं जिसमे हजारों की संख्या में श्रद्धालु माँ के द्वार माथा टेकने आते हैं। यहाँ से जुड़ी एक खास दिलचस्प बात यह हैं कि माताजी को भोग लगाई हुई प्रसाद को भक्त खासरवी गांव की कांकड़ से बाहर नहीं ले जा सकते हैं।

Google Maps पर देखें – ढब्बावाली माता मंदिर

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